Wednesday, May 20, 2015

बिहार सरकार ने कर्मचारियों व पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता बढ़ाया ]


बिहार राज्य मंत्रिपरिषद ने पुनरीक्षित और गैर-पुनरीक्षित वेतनमान वाले प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता क्रम से 6 और 11 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव मंगलवार को मंजूर कर दिया. यह वृद्धि गत एक जनवरी से प्रभावी है. ये घोषणाएं विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव शिशिर सिन्हा ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने पुनरीक्षित और गैर-पुनरीक्षित वेतनमान वाले प्रदेश के सरकारी कर्मियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ता में गत एक जनवरी से क्रम से 6 और 11 फीसदी वृद्धि किए जाने को आज मंजूरी प्रदान कर दी है. उन्होंने बताया कि इससे प्रदेश के राजकोष पर 821 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा. इसका लाभ प्रदेश के करीब 4 लाख कर्मियों को मिलेगा.

शिशिर ने बताया कि इसके तहत पुनरीक्षित वेतनमान (छठे वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुसार पे बैंड और ग्रेड पे) पाने वाले प्रदेश के सरकारी कर्मियों और पेंशन भोगियों का महंगाई भत्ता अब 107 फीसदी से बढ़कर 113 फीसदी कर दिया गया है तथा वैसे सरकारी कर्मी और पेंशन भोगी जो अभी भी अपुनरीक्षित वेतनमान पा रहे हैं जिनकी संख्या अब बहुत कम रह गई है उन्हें अब महंगाई भत्ता 212 फीसदी के बजाए 223 फीसदी मिलेगा.

उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य के नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रति माह नियत भत्ता , मासिक बैठकों में भाग लेने के लिए बैठक भत्ता, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे पाषर्दों को दैनिक भत्ता एवं क्षेत्रीय भ्रमण के लिए यात्रा भत्ता को विलोपित कर वित्तीय वर्ष 2015-16 के गत एक अप्रैल के प्रभाव से प्रतिमाह समेकित नियत भत्ता दिए जाने का स्वीकृति प्रदान कर दी है

SOURCE - aajtak.